उनकी सादगी का यह असर है
करता इस दिल को बेअसर है
वैसे हुस्न-ए -जंग तो जीत ही जाते
बंजारा दिल भटक रहा इधर उधर है
मासुमियतने मारा हमें
जिंदगीने बख्शा हुआ है
जजबात-ए -सैलाब से डर नही हमें
कयामततो अपनोने ढाई है
करता इस दिल को बेअसर है
वैसे हुस्न-ए -जंग तो जीत ही जाते
बंजारा दिल भटक रहा इधर उधर है
मासुमियतने मारा हमें
जिंदगीने बख्शा हुआ है
जजबात-ए -सैलाब से डर नही हमें
कयामततो अपनोने ढाई है